सबसे पहले आप सभी दोस्तों को मेरी ओर से गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं है। दोस्तो 26 जनवरी आने वाली है। और आप सभी जानते है कि हमारे देश मे हर वर्ष 26 को गणतंत्र दिवस मनाया जाता है। लेकिन क्या आपको पता है 26 जनवरी को ही गणतंत्र दिवस क्यों मनाया जाता है।

26 January republic day facts in hindi 2020

अगर आपको नही पता कि हमारा देश हर वर्ष 26 जनवरी को ही गणतंत्र दिवस क्यों मनाते है तो आपको हमारी ये पोस्ट पढ़नी चाहिए। जिससे आप आसानी से समझ 26 जनवरी के दिन गणतंत्र दिवस मनाने की पूरी कहानी।


दोस्तो हमारे देश मे प्यार प्रेम से रहने वाले लोगो के देख कर में तो बस एक बात बोलता हूं कि मुझे अपने भारतीये होने का गर्भ है। और आप को भी होगा और आज मुझे बहुत खुशी है कि आप सभी से बात करने का मौका मिला है।

🇮🇳26 जनवरी 2020 भारत का गणतंत्र दिवस 🇮🇳 भारत के इतिहास का सबसे महत्वपूर्ण दिवस है। जिसे पूरा भारत वर्ष एक पर्व की तरह मनाता आ रहा है। भारत देश के इस महान दिन पर मैं आप सब को 26 जनवरी गणतंत्र दिवस के बारे में कुछ महत्वपूर्ण बातें बता रहा हूँ।

जिन्हें पढ़ कर आपको बहुत खुशी मिलेगी। आज के दिन के बारे में समझना हर भारतीये को आवश्यक है। जिससे आने वाली पीढ़ी को भी समझआ जा सके की भारत देश के इतिहास में 26 जनवरी के कितना महत्व है।

गणतंत्र दिवस का हमारे जीवन मे क्या महत्व है ?

26 जनवरी 1950 को भारतीय संविधान पारित हुआ था। उसी दिन से भारत को एक गणतंत्र देश के रूप माना जाता है। 

अंग्रेजों से आज़ादी के बाद 25 जनवरी को ही हमारे देश मे एक खुद का कानून बनाने की हिम्मत आयी थी। हमारे देश के लोगो को अपनी ज़िंदगी जीने का हक मिला था। 26 जनवरी के दिन सिर्फ हमारा देश ही आज़ाद नही हुआ था।

■ Republic Day Speech In Hindi 2020

बल्कि देश का हर एक नागरिक आज़ाद हुआ था। अगर 26 जनवरी के असली महत्व जानना है तो कुछ दिन किसी की कैद में रह कर देखो।

गणतंत्र दिवस का अर्थ

जैसा कि नाम से स्पष्ट होता है कि गणतंत्र, मतलब गण मतलब सबका या समूह का तंत्र। अर्थात वह समूह जिसे सबकी इच्छा से बनाया जाए उसे गण कहा जाता है। और उसके द्वारा बनाये गए कानून और नियम ही तंत्र कहलाते है।

1. लोगों द्वारा चलाये जाने वाला देश, यानिकि लोगों का निर्णय हि मान्य है। अर्थात भारत देश के कानून में किसी एक का निर्णय नही चलेगा। सबकी सहमति के द्वारा ही नियम बनाया जाएगा।

2. भारत एक ऐसा देश है जो तानाशाही से मुक्त है। तानासाही से मतलब गुलामी है। अर्थात भारत वह देश है जो अब किसी की गुलामी में नही रहेगा।

3. 15अगस्त 1947 को हमारा देश आजाद हुआ था। और 26 जनवरी 1950 को भारत के महान नायक डॉ भीमराव अंबेडकर की मदद से भारत को एक मजबुत संविधान मिला था।

4. बस उसी दिन के बाद हर वर्ष भारत देश मे 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस का त्यौहार बड़े ही उत्साह के साथ मनाया जाता है।

इस दिन हमारे देश की आज़ादी दिलाने के लिए जिन महान आत्माओं ने आपने प्राण तक दे दिए थे। उसको याद किया जाता है। और उन्हें सत सत नमन किया जाता है। 

जैसे-महात्मा गांधी, भगतसिंह, चन्द्रशेखर, लाल लाजपतराय, सरदार बल्मभाई पेटल, लाल बहादुर शास्त्री। इन सभी महान स्वतंत्रता सेनानिओं के महान कामो के लिए उने आज भी याद किया जाता है।

 गणतंत्र दिवस की ये 10 बाते क्या आपको पता है ? 

आने वाली पीढ़ी भी याद करेगी। भारत देश का बच्चा -बच्चा जानता है। इन स्वतंत्रता सेनानीओं को और इन की तरह बनना चाहता है।

इन सभी सेनानिओं ने बिर्टिश सरकार का रुक कर मुकावला किया और हमारे देश को उन की गुलामी से मुक्त कराया। भारत वासी उन के बलिदान को कवि नही भुला पाएगे। उन्ही के कारण हम देश मे आज सुख से रह रहे हैं।

गणतंत्र दिवस से जुडी कुछ महत्वपूर्ण बातें

आज की इस पोस्ट मैं आपको गणतंत्र दिवस के बारे में कुछ महत्वपूर्ण बातें बताऊंगा, जिन्हें शायद आप नही जानते होंगे।

1. गणतंत्र दिवस के दिन एक अलग सी ध्वनि बजाई जाती है। जिसे लोग kirsan ध्वनि के नाम से जानते है। लेकिन उसका नाम आवड़ विद मी(aavad vid mi h)है।

2. ये ध्वनी महात्मा गांधी की प्रिय ध्वनीयो में से एक थी। इसी लिए इसे हर वर्ष गणतंत्र दिवस पर थोड़े समय के लिए बजाया जाता है।

3. भारत के प्रथम गणतंत्र दिवस के मुख्य अतिथि इंडो नेशिया के राष्ट्रपति शुक्राणु थे।

4. गणतंत्र दिवस समारोह राजपत में पहली बार आयोजन 1955 में किया गया था।

5. भारतीय गणतंत्र दिवस के दौरान भारत के राष्टपति को 21 तोपों की सलामी दी जाती है।

6. भारत में 11 जनवरी 1966 को देश के पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के निधन के कारण, 26 जनवरी 1966 को किसी को भी चिफ गेस्ट के रूप आमत्रित नही किया गया था।

7. भारत मे 26 जनवरी 1949 को संविधान पारित हुआ था। और 26 जनवरी 1950 को संविधान लागू कर दिया गया था।

8. भारत के संविधान की हम बात करे तो संविधान में 448 लेख है। और 12 अनुसूची तथा 25 भाग शामिल हैं। जो कि हमारे देश के संविधान को विस्व का सबसे बड़ा लिखा हुआ संविधान बनाता है।

9. डॉ भीमराव अंबेडकर को भारतीय संविधान के पिता का दर्जा दिया गया है। क्योंकि उनके द्वारा हमारे देश का संविधान तैयार किया गया।
गणतंत्र भारत के पहले राष्ट्रपति डॉ राजेंद्र प्रसाद को बनाया गया था। भारत के इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ था, कि देश के राष्ट्पति को 21 तोपो की सलामी नही दी गयी थी। 

क्योंकि उस समय भारत के राष्ट्रपति S राधा कृष्ण की तबियत ठीक ना होने के कारण वो सलामी नही ले सके। इस बार देश के नये राष्ट्रीय रामनाथ कोविंद अपना फर्ज निभाते हुऐ 21 तोपो की सलमी लेगे रामनाथ कोविंद हमारे देेश के 14 वे राष्टपति है। 

P.I.B. ( प्रेस इन्फॉर्मेशन व्युरो ) भारत सरकार के अनुसार देश मे 26 जनवरी 1950 को सुबह 10:18 मिनिट पर भारत एक गणतंत्र दिवस बना। ठीक इस के 6 मिनट बाद 10:24 मिनिट पर डॉ राजेंद्र प्रसाद ने भारत के पहले राष्ट्रपति के रूप मे शपथ ली। 

इस दिन राष्ट्रपति राजेंद्र प्रसाद ने पहली बार भारतीय सेना बल की सलामी ली थी और उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया था।दोस्तों हम सच मे आजाद हो चुके हैं। हमे आजादी भी पूरी तरह से मिल चुकी है। 
लेकिन आजादी मिलने के बाद भी यह बहुत शर्म की बात है कि आजादी के इतने दिन बाद भी हम आज भी अपराध, भ्रष्टाचार, और हिंसा जैसी समस्याओं से आज भी लड़ रहे हैं।

आखरी शब्द 
तो दोस्तों समय आ गया है कि अपने देश से इन बुराइयो को जड़ से निकल फेकना है। जैसे- स्वतंत्रता सेनानि नेताओ ने अंग्रेजों को भारत देश से निकल फेंका। उसी तरह हमें अपने भारत देश को एक सफल, विकसित और स्वच्छ देश बनाना है।

तो दोस्तों आज मै और आप सभी यह सपथ लेते है। और आओ हम सब प्रतिज्ञा करें कि इस गणतंत्र दिवस पर हम सब महात्मा गांधी के अदर्शो पे चलेगे और नया समज बनाएगे।

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भारत माता के वीर सपूतों के
बलिदान को व्यर्थ नही जाने देंगे।
जाति धर्म के भेद भाव से ऊपर उठकर,
नया समाज बनाएंगे।
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🇮🇳🇮🇳जय हिंद जय भारत वन्दे मातरम!🇮🇳🇮🇳